

हमीरपुर से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
मौदहा (हमीरपुर)। मौदहा कस्बे के कम्पोजिट विद्यालय (1-8) कांशीराम कालोनी में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर पोल खुलती नजर आ रही है। विद्यालय में तैनात एक शिक्षक पर न केवल बच्चों की सही संख्या की जानकारी न होने, बल्कि स्कूल में गुटखा-पान मसाला खाकर बैठने, शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने और प्रधानाध्यापक से अभद्र व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले ने अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
बताया जा रहा है कि विद्यालय में बच्चों की वास्तविक संख्या तक स्पष्ट नहीं है और रजिस्टरों में भी अधूरे व संदिग्ध रिकॉर्ड दर्ज पाए गए। जब इस संबंध में शिक्षक से जानकारी ली गई तो उन्होंने कथित रूप से खुद स्वीकार किया कि “मैं सिर्फ स्कूल आता हूं, बच्चों की संख्या की जानकारी नहीं”। इतना ही नहीं, बच्चों के सामने शिक्षक के गुटखा खाते हुए दिखने की बात भी सामने आई है, जिससे विद्यालय के माहौल और बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
आरोप यह भी हैं कि संबंधित शिक्षक प्रधानाध्यापक को मानने से इंकार करते हैं, उनसे अभद्रता करते हैं और विद्यालय में दबंगई का माहौल बनाकर रखते हैं। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक न तो नियमित रूप से पढ़ाई कराते हैं और न ही बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं, बल्कि दिनभर मोबाइल फोन चलाने, गुटखा-पान मसाला खाने और समय काटने में लगे रहते हैं। शिक्षा के मंदिर में इस तरह की हरकतों से लोगों में गहरा रोष है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जो शिक्षक बच्चों के सामने नशा जैसी गलत आदतों का प्रदर्शन करें और शिक्षण कार्य को मजाक बना दें, ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनी रहे और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।